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Monday, February 11, 2019


तुमने काम किया है जैसा

तुमने काम किया है जैसा
वैसा तुमको भरना होगा
चोर दलालों मक्कारों को
डरना होगा डरना होगा

   
    जिसकी थी बेकार की सूरत
    उनकी थी हर पार्क में मूरत
    पत्थर स्कूटर पर आये
    इतनी थी अर्जेंट जरूरत
दाम चौगुना हाथी का था
वो सब उसको भरना होगा

चोर दलालों मक्कारों को
डरना होगा डरना होगा

   पंजे का कानूनी सन
   लेता था भरपूर कमीशन
   अरबों पति बन 10 सालों में
   निगल रहा था जनता का धन
ऐसे दामादों को अब तो
जेल में जा कर सड़ना होगा

चोर दलालों मक्कारों को
डरना होगा डरना होगा

    बुद्धिहीन इक चोर उचक्का
    भृष्ट कुटिल औ झूठा पक्का
    चाह रहा है देश सम्भाले
    जन्मभूमि बनवा दे मक्का
 इंतज़ाम ऐसे छक्कों का
 हमको ही तो करना होगा

चोर दलालों मक्कारों को
डरना होगा डरना होगा

  सरयू लाशों से जो पाटे
  धर्म जात में देश जो बांटे
  बिना उगाही काम न करते
  अबकी उनको पड़ेंगें चांटे

जिनकी टोंटी खून बहाए
पंचर उनको करना होगा

चोर दलालों मक्कारों को
डरना होगा डरना होगा

 जेल किया जिसने उद्घाटन
 उसी जेल में बैठ टनाटन
 बना दिया परिवार को नेता
 लूट रहे है जो देश दनादन

दर्जा नव जो पास नही है
उसे सबक अब पढ़ना होगा

चोर दलालों मक्कारों को
डरना होगा डरना होगा

  कलकत्ता की खूसट माई

  काले धन की करे कमाई
  हत्यारे मावाली गुंडे
  डूंढ़ डूंढ़ कर दल में लाई

भरे रोहंगिया बांग्लादेशी
चीर तो उसका हरना होगा

चोर दलालों मक्कारों को
डरना होगा डरना होगा

संविधान

संविधान जब तक लागू है उसका सम्मान है पर यह मानना पड़ेगा यह दो कौड़ी का संविधान है इसे जिन परिस्थितियों में बनाया गया जो भी इसको बनाने वाले है उनकी योग्यता अयोग्यता का सवाल नही पर यह संविधान नाकारा है जिसमे चेक और बैलेंस इतना ज्यादा है की संवैधानिक संकट की हर जगह गुंजाइस है एक देश जो भौगोलिक रूप से ,ऐतिहासिक रूप से धार्मिक रूप से एक है उसे संघीय ढांचे का रूप देने की क्या आवश्यकता थी अगर प्रसासनिक दृष्टि से इतने बड़े देश को शाशन की सुगमता के लिए छोटे स्टेट बनाना था तो उसको भाषा के आधार पर क्यों किया गया नक़्शे को जामेट्री के हिसाब से क्यों नही बांट दिया गया फिर ला एंड आर्डर स्टेट को क्यों दिया गया इससे क्या स्टेट के विद्रोह का खतरा नही है
किसी एक को तो सुप्रीम ऑथोरिटी देनी ही चाहिए अगर केंद्र को कोई पावर ही नही तो केंद्र में सरकार ही क्यों है
 कोलकाता में जिस तरह cbi के अफसरों को गिरफ्तार किया गया उससे सिद्ध होता है की अब इस संविधान को कूड़े मे फेक दिया जाना चाहिए और एक नया संविधान बनाया जाना चाहिए जिसमे सब बात सीधे सीधे डिफाइंड होना चाहिए ये संविधान मीठी बातें तो करता है पर जलेबी की तरह टेढ़ी मेढ़ी।

राजेश कुमार